Soch Drama Book By lallan Tiwari

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Soch
By Lalan Tiwari


प्रस्तुत नाटक एक सामाजिक नाटक है। वर्तमान के राजनैतिक कुचक्र्रों से प्रभावित माहौल को प्रतिबिंबित करता हुआ सांप्रदायिक सौहार्द्र एवं राष्ट्रीय एकता की बात करता है। इसमें सत्ता के लिए पक्ष-विपक्ष के गिरते आदर्श-चरित्र को दिखाने और मानवीय मूल्यों को प्रतिष्ठित करने का पहल है। भारतीय लोकतंत्र के अन्तर्गत दूषित चुनाव-प्रक्रिया और पक्ष-विपक्ष के परस्पर विरोधी भूमिकाओं के कारण उपजी अराजक स्थिति जो राष्ट्रीय एकता के लिए घातक है को दर्शाने का ध्येय है नाटक का। यह भारत छह लाख गाँवों का देश है। इसलिए इस नाटक की पृष्ठभूमि गाँव की रखी गई हैं। जहाँ सीधे-सादे अनपढ़ किसान हैं। विभिन्न धर्म और जातियों के लोग मिलजुल कर रहते हैं। किन्तु गंदी राजनीति उनमें विभेद पैदा कर देती है उनमें सनातनी शांति को संघर्ष में बदल डालती है। नाटक में केवल वस्तुस्थिति को दिखाना ध्येय नहीं बल्कि दिग्भ्रमित ग्रामीणों को चेतनाशील बनाकर अंधेरे से उजाले में लाने का प्रयत्न भी करना है। मंचीय दृष्टि से इस विस्तृत फलक को एक सेट पर दिखाना संभव नहीं है। इसलिए दो सेट रखा है। एक में आॅफिस और दूसरे में चैपाल। इस नाटक का मंचन छोटे-बड़े, विकसित-अविकसित किसी भी मंच पर, कम साधनों में और कम स्त्री-पात्रों से किया जा सकता है।

ISBN: 978-93-88727-00-6
Pages: 89
Language: Hindi
Available Types: Paperback
Genre: Drama
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