Samaj Me Panchyat Ki Bhumika

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Samaj Me Panchyat Ki Bhumika
By Mandeep Dhul


खाप या सर्वखाप एक सामाजिक प्रषासन की पद्धति है। जो भारत के उत्तर-पष्चिमी प्रदेषों राजस्थान, हरियाणा, पंजाब व उत्तर प्रदेष में अति-प्राचीन काल से प्रचलित है। खाप शब्द दो शब्दो से मिलकर बना है ख और आप। रव का अर्थ है आकाष और आप का जल, जिसका अर्थ हुआ जल की तरह पवित्र और आकाष का अर्थ हुआ सबके लिए। अर्थात् एक पवित्र संगठन जिसमंे कोई भी न्याय के लिए आ सकता है। मुख्यतः पंचायत, खाप और सर्वखाप शब्दो को एक-दूसरे की जगह प्रयाग किया जाता है

ISBN: 978-81-938020-6-9
Pages: 61
Language: Hindi
Available Types: Print, E-book
Genre: Short Story
Print Book: Rs.150 Rs.120 + 60-Shipping (Delivery in 7-9 working days)
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