Manoranjak Baal Gajle

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Manoranjak Bal Gazalen
By Laxmi Khanna "Suman"


सुमन जी की बाल-ग़जलों में कहीं-कहीं पर बड़े सुन्दर और सहज बिंब देखने को मिल जाते हैं। मक्खी की यह आदत होती है कि वह हमेशा किसी स्थान पर बैठकर अपने दोनों हाथ आपस में रग़ड़ती रहती है। सुमन जी ने एक कुशल चितेरे की भाँति इस दृष्य को प्रस्तुत किया है

ISBN: 978-81-938020-2-1
Pages: 105
Language: Hindi
Available Types: E-book
Genre: Childrens Book
e-Book: Rs.60 (PDF, delivered in 24 Working Hours)