Ek Dard Aisa Bhi

Become published Author in 1 Month,get 10% off on Selected package Contact us

Ek Dard Aisa Bhi
By Prem Chand Karampuri


आज काफी भीड़ लगी थी, हां क्यों न महिलाओं पर आज एक गोष्ठी जो है गांव की औरते एकट्ठा थी, अपनी अपनी बाते, अपने अपने विचार, अपनी अपनी भड़ास निकालने के लिये तैयार थी। पुरूष रूपी र्वचस्व समाज में यह अवसर कभी कभी आता है। जब महिलायें मंच से अपनी बाते कहने को तैयार है और उन्हें मौका दिया गया।

ISBN: 978-81-938020-8-3
Pages: 190
Language: Hindi
Available Types: Print, E-book
Genre: Novel
'PRINT: Rs.250 Rs.240 + 60-Shipping (Delivery in 4-6 working days)
e-Book: Rs.100 (coming soon)